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Wo Shokh najar sanwali si ek ladki- Best Kavita by Nida Fazil

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वो शोख शोख नज़र सांवली सी एक लड़की जो रोज़ मेरी गली से गुज़र के जाती है सुना है ,वो किसी लड़के से प्यार करती है बहार हो के, तलाश-ए-बहार करती है न कोई मेल न कोई लगाव है लेकिन न जाने क्यूँ बस उसी वक़्त जब वो आती है कुछ इंतिज़ार की आदत सी हो गई है मुझे एक अजनबी की ज़रूरत हो गई है मुझे मेरे बरांडे के आगे यह फूस का छप्पर गली के मोड पे खडा हुआ सा एक पत्थर वो एक झुकती हुई बदनुमा सी नीम की शाख और उस पे जंगली कबूतर के घोंसले का निशाँ यह सारी चीजें कि जैसे मुझी में शामिल हैं मेरे दुखों में मेरी हर खुशी में शामिल हैं मैं चाहता हूँ कि वो भी यूं ही गुज़रती रहे अदा-ओ-नाज़ से लड़के को प्यार करती रहे,.,!!!

Hamara dil savere ka sunahra jaam ho jaye- Best Urdu ghazal Basheer Badra

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हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाए मैं ख़ुद भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ कोई मासूम क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर मोहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाए उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए,.,!!!

Dil Gaya raunak-e-hayat gayi- Urdu Ghazal Jigar Muradabadi

दिल गया, रौनक-ए-हयात गयी ग़म गया, सारी कायनात गयी दिल धड़कते ही फिर गयी वोह नज़र लब तक आई न थी की बात गयी दिन का क्या ज़िक्र, तीरह-बख्तों में एक रात आई, एक रात गयी उनके बहलाये भी न बहला दिल रायगाँ सई-ए-इल्तफ़ात गयी क़ैद-ए-हस्ती से कब नजात जिगर मौत आयी अगर हयात गयी,.,.!!!

Har ek chehara yahan par gulal hota hai- Best Urdu Ghazal Munnawar Rana

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हर एक चेहरा यहाँ पर गुलाल होता है हमारे शहर मैं पत्थर भी लाल होता है मैं शोहरतों की बुलंदी पर जा नहीं सकता जहाँ उरूज पर पहुँचो ज़वाल होता है मैं अपने बच्चों को कुछ भी तो दे नहीं पाया कभी-कभी मुझे ख़ुद भी मलाल होता है यहीं से अमन की तबलीग रोज़ होती है यहीं पे रोज़ कबूतर हलाल होता है मैं अपने आप को सय्यद तो लिख नहीं सकता अजान देने से कोई बिलाल होता है पड़ोसियों की दुकानें तक नहीं खुलतीं किसी का गाँव में जब इन्तिकाल होता है ,.,!!!

Dosti jab kisi se ki jaye , dushmano ki bhi rai li jaye- Rahat Indauri Ghazal

दोस्ती जब किसी से की जाये दुश्मनों की भी राय ली जाये मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं में,  अब कहाँ जा के साँस ली जाये बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ,  ये नदी कैसे पार की जाये मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे,  आज फिर कोई भूल की जाये बोतलें खोल के तो पी बरसों,  आज दिल खोल के भी पी जाये,.,!!!!

Dilo pe aag labon pe gulab rakhte hain- Rahat Indauri Ghazal

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दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं हमें चराग समझ कर बुझा न पाओगे हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं बहुत से लोग कि जो हर्फ़-आश्ना भी नहीं इसी में खुश हैं कि तेरी किताब रखते हैं ये मैकदा है, वो मस्जिद है, वो है बुत-खाना कहीं भी जाओ फ़रिश्ते हिसाब रखते हैं हमारे शहर के मंजर न देख पायेंगे यहाँ के लोग तो आँखों में ख्वाब रखते हैं  ,.,!!! --------------------------------------------------------------- Dilon pe aag labon par gulaab rakhte hain Sab apne cheharon pe dohari naqab rakhte hain Hame charag samajh kar bujha na pao ge Ham apne ghar me kai aaftab rakhte hain Bahut se log ki jo harf aashna bhi nahi Isi me khush hai ke teri kitab rakhte hain Ye maikada, wo mashjid hai wo hai butkhana Kahi bhi jao farishte hisaab rakhte hain Hamare shehar ke manjar na dekh paye ge Yaha ke log aankhon me khwab rakhte hain

Mehfil- Maikhana, Jaam, Paimana ,Sharab (Angoor Ki beti) Collection -Part 2

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मै आ रहा हूँ , इश्क का सामान रख लेना.,., कमरे मे छुपा कर जहर का जाम रख लेना.,.,!!!! Mai aa raha hun , ishq ka samaan rakh lena Kamre me chhupa kar jahar ka jaam rakh lena  --------------------------------------------------------------------- अभी तो जवान हो तुम क्या नमाज क्या रोजा....? अभी तो उम्र पड़ी है चलो शराब पीयें ,.,!!! Abhi to jawan ho tum kya namaj kya roja ? Abhi to umra padi hai chalo sharab piyen  --------------------------------------------------------------------- तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी.., एक हम है कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे,.,!!!  Tu hosh me thi fir bhi hamen pahchan na paayi Ek ham hai ke pee kar bhi tera naam lete rahe  --------------------------------------------------------------------- नही थे पैसे एक दिन पीने के लिए तो यूं किया ,., डूबोई उनकी तस्वीर पानी में, और घूंट घूंट पी लिया,.,!!! Nahin the paise ek din peene ke liye to yun kiya Duboi unki tasveer paani me aur ghoont ghoont pee liya  --------------------------------...