रास्ता मैं बतलाता हूँ - Hindi Poem By Ashish Awasthi Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - May 16, 2017 राहों के पत्थर देखे इतनेके अब नहीं संभल पाता हूँअपने पीछे चलते चलतेखुद से दूर निकल जाता हूँअब तो कोई रोक लो आकेमैं लीक तोड़ कर जाता हूँफिर न कहना, के कहा नहीं ?सब पहले से बतलाता हूँझूमो तुम सब मैखाने जाकरआओ ,रास्ता मैं बतलाता हूँ।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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